स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल के डीएसडब्ल्यू कार्यालय द्वारा विश्वविद्यालय परिसर स्थित बनमाली सभागार में “साइबर सुरक्षा जागरूकता – स्टार्ट्स विद यू” एवं “नशा मुक्त भारत” विषय पर एक व्यापक एवं अत्यंत प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवा वर्ग को आधुनिक समय में बढ़ते साइबर अपराधों, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, सड़क सुरक्षा के नियमों तथा महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे अपने जीवन में सुरक्षित, जिम्मेदार एवं सजग नागरिक बन सकें। कार्यक्रम में एएसआई चेतन गुप्ता, एसआई राजकुमार गुप्ता, हेड कांस्टेबल अशोक तोमर एवं लेडी कांस्टेबल प्रियंका तोमर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनका स्वागत विश्वविद्यालय परिवार द्वारा गर्मजोशी के साथ किया गया तथा कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. विनोद कुमार शर्मा द्वारा अत्यंत प्रभावी एवं व्यवस्थित रूप से किया गया, जिससे पूरे कार्यक्रम में अनुशासन एवं ऊर्जा का संचार बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान एसआई राजकुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में गहन एवं प्रेरणादायक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा केवल व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को ही नहीं बल्कि उसके मानसिक संतुलन, पारिवारिक संबंधों एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार नशे की लत युवाओं को अपराध, असफलता एवं निराशा की ओर धकेल देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने तथा अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति नशे की लत का शिकार हो चुका है, तो उसे समय रहते उचित परामर्श एवं उपचार लेकर नशा मुक्ति की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
इसी क्रम में हेड कांस्टेबल अशोक तोमर ने “साइबर सुरक्षा जागरूकता – स्टार्ट्स विद यू” विषय पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि आज के डिजिटल युग में इंटरनेट का उपयोग जितना लाभकारी है, उतना ही जोखिमपूर्ण भी हो सकता है यदि सावधानी न बरती जाए। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों जैसे सोशल मीडिया फ्रॉड, फेक प्रोफाइल, ओटीपी स्कैम, फिशिंग लिंक, बैंकिंग धोखाधड़ी, क्यूआर कोड स्कैम आदि के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार साइबर अपराधी लोगों की व्यक्तिगत जानकारी चुराकर उन्हें आर्थिक एवं मानसिक नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे कभी भी अपनी गोपनीय जानकारी जैसे पासवर्ड, ओटीपी या बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को सुरक्षित रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या साइबर सेल में शिकायत करें। उनके इस विस्तृत एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन से विद्यार्थियों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता स्पष्ट रूप से बढ़ी।
कार्यक्रम में एएसआई चेतन गुप्ता ने सड़क सुरक्षा के महत्व को अत्यंत सरल एवं प्रभावी तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण लापरवाही एवं ट्रैफिक नियमों की अनदेखी है। उन्होंने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट का उपयोग करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा ट्रैफिक संकेतों का सम्मान करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि सड़क सुरक्षा केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व भी है, जिससे न केवल अपनी बल्कि दूसरों की जान भी सुरक्षित रहती है।
इसके साथ ही लेडी कांस्टेबल प्रियंका तोमर ने महिला सुरक्षा एवं कानूनों के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न या साइबर अपराध की स्थिति में उन्हें चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों, कानूनी प्रावधानों एवं सुरक्षा उपायों की जानकारी देते हुए महिलाओं को आत्मविश्वासी एवं सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया। उनके विचारों ने विशेष रूप से छात्राओं में आत्मविश्वास एवं जागरूकता का संचार किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी माननीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी (कुलाधिपति), डॉ. विजय सिंह (कुलपति), डॉ. सीतेश कुमार सिन्हा (कुलसचिव), डॉ. विनोद कुमार शर्मा (डीएसडब्ल्यू), श्री मनमोहन सोनी (कैम्पस मेंटेनेंस ऑफिसर) एवं डॉ. नितिन कुमार ढिमोले (एनएसएस ऑफिसर) प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन सभी माननीय अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ाया तथा विद्यार्थियों को प्रेरणा प्रदान की। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के फैकल्टी सदस्य, स्टाफ एवं लगभग 200 छात्र–छात्राएं कार्यक्रम में उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने वक्ताओं से प्रश्न भी पूछे, जिनका संतोषजनक एवं व्यावहारिक उत्तर दिया गया, जिससे उनकी जिज्ञासाओं का समाधान हुआ और विषय के प्रति उनकी समझ और अधिक गहरी हुई। पूरे कार्यक्रम का वातावरण ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहा।
अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी माननीय अतिथियों, पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं उपस्थित विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। यह कार्यक्रम न केवल जानकारी प्रदान करने वाला रहा, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ, जिसने उन्हें एक जिम्मेदार, जागरूक एवं सुरक्षित नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
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